Innocent love

Saturday, January 30, 2021

दिल्लगी

दिल्लगी तुमसे यूं ही नहीं है 
तेरा मेरे सपनों में आना फिर प्यारा सा ख्वाब बन जाना
हर हसिन चहरे में तेरा चेहरा नजर आता है
आशीकी के हर मोड़ पर तू दिल में उतर जाता है
रह रह कर तेरी यादों का आना 
फिर तेरी यूं बचकानी मस्तियो पर मुस्कुराना 
हाथो की उंगलियों से तेरी उंगलियों का खेलना
इन हवाओ में तेरी खुशबू का फैल जाना
तू याद है मुझको हर हर लम्हे में हर लम्हे में तू है

Saturday, January 23, 2021

मुकम्मल मोहब्बत

ए खुदा कुछ दे ना दे उसे उसकी मुकम्मल मोहब्बत दे दे ....
ऐतबार नहीं मगर दिल को कोई जरा सुकून दे दे......
ग़म सारे के सारे मुझको दे उसको  खुशियों का हर सिला दे दे......
मेरी है अधूरी मोहहब्त चाहे उसको उसकी मोहब्ब्त मुक्कमल दे दे.....
ए खुदा मेरी हर दुआ की मांग बस उसको उसकी राहें आसान दे दे......
उसको उसकी मुक्कमल मोहब्बत दे दे........

Tuesday, January 19, 2021

तू देना साथ मेरा

रास्ते है मुश्किल थोड़े से पर आसान हो जायेगे बस तू देना साथ मेरा...
बारिशें हो जाएगी मध्धम भीगे होठ नजर आयेगे बस तू देना साथ मेरा..
आसमान में होंगे जितने सितारे फिर हमारे कदमों में आयेगे बस तू देना साथ मेरा......
होंगी दाल रोटी फिर महाभोग की तरह बस तू देना साथ मेरा......
धूप में चमके धागे फिर चुनर लहराएगी बस तू देना साथ मेरा....
रिश्ते नाते भुले बिसरे सब होंगे एक साथ बस तू देना साथ मेरा......
जो भी हो मुश्किल होगी आसान बस तू देना साथ मेरा.......


Friday, January 15, 2021

अब तो आ जा

खाली खाली इन आंखो में एक नई चमक है देखने को तुझे
बेचैन सा है ये दिल एक झलक पाने को तेरी 
हाल कुछ यू है की आंखे सब बोल रही है
सजने संवारने का सिलसिला चालू हो गया है 
अब तो जल्दी आ जा,जल्दी आ जा

Monday, January 11, 2021

दीवाना दिल

दिल धड़कता है जोर जोर से जब जब तुझे देखते है, नजरो का ये तेरा जादू मुझे दीवाना करता है,पलको की तेरी मस्तियां हसीं ठिठोली करती है,तेरे हाथो की उंगलियां जब जब चलती है मेरे चहरे पर दिल जोर जोर से धड़कता है ...... नजरो का ये तेरा जादू मुझे दीवाना करता है.....

Saturday, January 9, 2021

आग

जरूरी है ये आग जिन्दगी में कभी सोने को बनाने में मददगार कभी हीरे को सजाने में सलाहकार कभी पवित्र रिश्तों की कसौटी तो कभी इंसान को इंसान बनाती है...जलन है इसमें भी पर कोयले से हीरा भी यही बनाती है कभी इस पर चलकर अग्निपरीकषाएं देनी पड़ती है तो कभी यही मसाल बनकर रोशनी देती है.... क्या है इसका वजूद ये तो कोई नहीं जानता पर है ये हर किसी की दासता का हिस्सा, कभी आग बनकर तो कभी कोई जरूरी हिस्सा बनकर.......

दिल जानता है या रब जानता है

दिल जानता है या रब जानता है 
तुझे क्या बताऊं मैं अधूरी सी थी 
आने के बाद तेरे सब कुछ बदल गया
अंदाज बदले जज्बात बदले राहे बदली 
मंजिल वो ही होकर भी कुछ बदली सी है...... आंखो में भर कर आंसू तुझसे यूं हर जिद पूरी करवाना अब आदत सी हो गई है ....कुछ बिना कहे एहसाह इतने खूबसूरत भी होते है अब पता चला है..... राहें अब पहले से आसान लगने लगी है तेरा साथ पाकर इन रास्तों पर चलने का मन करने लगा है .....अब अधूरा चांद बस अधूरा लगता है पूरे चांद को देखने की आदत जो हो गई है...... अब ढलता सूरज भी शायद नए सवेरे का संदेश दे जाता है .....खुश तो मैं पहले भी थी अब एक नया सा समा आ गया ऐसा लगता है....तुझसे ये को इतना लगाव है इतनी ख्वाइसे है ये क्या है ....दिल जानता है या रब जानता है

Friday, January 8, 2021

सर्द मौसम

कितनी खामोशी है इस दिन में जैसे आने वाले कल का तूफान आता दिख रहा हो इसे ....हर तरफ फैला ये सन्नाटा जाने किस हलचल को याद कर रहा है....हवा का झोंका भी है दिन का सर्द मौसम भी बस नहीं है तो सूरज की वो किरण जो इन सर्द हाथों को तपा दे.......सुबह का वो सर सपाटा अधूरा है सूरज की पहली किरण के बिना ......बस बैठकर रजाई के आघोश में देखते रहते है खिड़की के बाहर ना पहले जैसी धूप है ना वो मौसम में बात ......अब कुछ है पर नहीं है बदलो के पार वाले सूरज का साथ.........

Thursday, January 7, 2021

सुन ना यार

सर्दी की धूप सी चुलबुली है तू 
गर्मी की छाव सी राहत है तू 
यारी है तेरी किसी स्क्रिप्ट सी
जितना तूझे पडना चाहे उतना ही तेरा कायल हो जाते है.......
कभी जब उलझे हो जज्बातों में हम तो एक-दूसरे से लड़कर समझकर एक दूसरे को समझते है, समझाते है...... तेरा जैसा यार नहीं कहीं, ना तेरी जैसी यारी है...
सुन ना ये अब तो पार्टी दे दे अब उसी की बारी है......happy birthday my best frends

Wednesday, January 6, 2021

मेरा रब है तू

आंखे

डूब ना जाऊं इन गहरी सी आंखो में 
सताता है ये ख्याल हर दम मुझे.....
इन आंखो में जाने ऐसा क्या देखा जो बस रहने को दिल चाहता है इनमें ......
जानते है हम की इन गहराईयो में जाकर बस दर्द से मुलाकात होगी.....
समेट लूं तुझे अपनी बाहों में इस कदर की किसी अस्क को गुजरने के लिए राहें  ना मिले .....
तेरी आंखें जवाब में मेरे हर सवाल का 
तेरी आंखो से मेरी आखों तक हजारों सपने बुने है ......
 

Tuesday, January 5, 2021

मंजिल पास ही है

राहें होती नहीं आसान हमे आसान बनानी पड़ती है,............
मंजिल आती नहीं हमारे पास मेहनत करके पास बुलानी पड़ती है.......
सपने देखने के बाद भूलकर सोना नहीं रातो की नींद उड़ानी पड़ती है....
मेहनत और हौसले हो साथ तो हर मुश्किल को नज़रे झुकानी पड़ती है............

Saturday, January 2, 2021

दिल बेखबर

बैठें है हम उस महफ़िल में जो हर सामयाने की सान है................
रहते है उस दिल में जो हमारी जान है...
होकर भी रुखसत आपसे हम अनजान है 
इनकार नहीं हमे इजहार -ए- मोहब्बत से पर खुद से ही इनकार है सोचते है इतना खूबसूरत मुकद्दर हमारा कहा जिसमें आपका साथ हो ......
डरते हैं भीतर से कहीं कोई अग्यार हमारे दर्मिया ना आ जाए 
अख्ज कर कोई ले गया गर आपको सांसें हमारी थम जाएगी 
अरमान है हमारा बैठकर घड़ी दो घड़ी आपसे गुफ्तगू करे मगर दिल ये इजाजत नहीं देता जाने डर है इसे किस बात का ।
बैठे है उस महफ़िल में जो हर सामयाने की सान है.......
रहते है उस दिल में को हमारी जान है.............

 

आज फिर आपके आहोश मे

आ गए हम इस कदर उनके आहोष में ना चांद को देखूं ना तारो को बस देखकर उनको सुकून दिल ने यूं पा लिया जैसे जन्मों की प्यास पूरी हुई हो.... बैठकर देखते रहे उन्हें इस कदर होश ये भी ना रहा कब दिन का उजाला आया और कब रात ने दस्तक दी... चाहकर भी ना निकाल सके उन्हें हम अपने ख़यालो से जाने कैसी उनमें सादगी थी बस दिल में उतर गए..... रहे हम उनकी ताक में ऐसे की खुद को भूल गए जाने अनजाने जाने कब वो हमसे हमको चूरा ले गए.... हाथ पकड़कर वो हमे यूं राहों पर ले आए जैसे चलना सीखा रहे हो हम तो बस उनके साथ चलकर किस्मत आजमा रहे थे..... उनका यूं प्यार करना  यूं बार बार वो छुअन का एहसास होना जाने कब हमने उन्हें यूं खुद को परेशान करने का हक दिया ....पर मुस्कुराती सी वो छुअन हमे नजाकत से भरे प्यार का एहसाह दिला गई और हम डूबते रहे उनके आहोस में और खुद को भूल गए......

Friday, January 1, 2021

खुशी इन पनहो में

लौट आ ए खुशी फिर मेरे होटों पर
चाहिए तुझे क्या मुझसे बता दे जरा 
क्यों तू दिखती है इतनी दूर मुझसे 
राहे पड़ी है सुनसान तेरे इंतेज़ार में
देख तो ले एक बार आकर मेरे आहोश में .........
आएगी जब तू मेरी राहों में देख लेना खुशी से खुशी का ये नज़ारा देखने वाला होगा .........
तू चाहे या ना चाहे आना तुझे मेरी गलियों में है......
खुद को देख जब आयने में आखे आखो से मिली तो तेरा आना तय है
बस कुछ दिन की दूरी और है 
जब चांद  को देखूं तो राते और भी सुकून देती है...........
तेरा इन यादों में इन जज्बातों में इन लम्हों में इन ख़यालो में आना तय है
ए  खुशी तुझे आना तो मेरी जिंदगी में ही है .....
तुझे अख्ज कर रख लूं इन पनाहो में  .........

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ढूंढू कहा खुद को खुद में ही बेचैन हूं ना आज का पता न कल का बस ख्वाइशों का शोर हैं खुद को पाने की चाह में बेबस भटकती दर बदर फिर रही हूं  सच ...