Innocent love

Wednesday, January 6, 2021

मेरा रब है तू

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ढूंढू कहां

ढूंढू कहा खुद को खुद में ही बेचैन हूं ना आज का पता न कल का बस ख्वाइशों का शोर हैं खुद को पाने की चाह में बेबस भटकती दर बदर फिर रही हूं  सच ...