Innocent love

Friday, January 8, 2021

सर्द मौसम

कितनी खामोशी है इस दिन में जैसे आने वाले कल का तूफान आता दिख रहा हो इसे ....हर तरफ फैला ये सन्नाटा जाने किस हलचल को याद कर रहा है....हवा का झोंका भी है दिन का सर्द मौसम भी बस नहीं है तो सूरज की वो किरण जो इन सर्द हाथों को तपा दे.......सुबह का वो सर सपाटा अधूरा है सूरज की पहली किरण के बिना ......बस बैठकर रजाई के आघोश में देखते रहते है खिड़की के बाहर ना पहले जैसी धूप है ना वो मौसम में बात ......अब कुछ है पर नहीं है बदलो के पार वाले सूरज का साथ.........

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