Innocent love

Saturday, January 30, 2021

दिल्लगी

दिल्लगी तुमसे यूं ही नहीं है 
तेरा मेरे सपनों में आना फिर प्यारा सा ख्वाब बन जाना
हर हसिन चहरे में तेरा चेहरा नजर आता है
आशीकी के हर मोड़ पर तू दिल में उतर जाता है
रह रह कर तेरी यादों का आना 
फिर तेरी यूं बचकानी मस्तियो पर मुस्कुराना 
हाथो की उंगलियों से तेरी उंगलियों का खेलना
इन हवाओ में तेरी खुशबू का फैल जाना
तू याद है मुझको हर हर लम्हे में हर लम्हे में तू है

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