Innocent love

Monday, February 1, 2021

कदम बढ़ाए जा

मंजिले दूर नहीं है  तुझसे बस कदम भर का फासला है.
पहुंच जाएंगे कुछ ही वक़्त में अपने अधूरे सपने तक 
हर उगता हुआ सूरज और ढलती हुई सांझ गहवा बनेगा तेरी मेहनत का....दूरी सही है हर आवाजाही से तू तेरी किस्मत लिख लेगा बस कुछ दिन की बात है.....बन जाएगा अपनी कायनात का तू राजा बस दे दे खुद को कुछ दिन की मेहनत की सजा...... बनेगी ये सजा तेरी लिए एक दिन हर दवा बस कुछ दिन की बात है......  

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ढूंढू कहां

ढूंढू कहा खुद को खुद में ही बेचैन हूं ना आज का पता न कल का बस ख्वाइशों का शोर हैं खुद को पाने की चाह में बेबस भटकती दर बदर फिर रही हूं  सच ...