सताता है ये ख्याल हर दम मुझे.....
इन आंखो में जाने ऐसा क्या देखा जो बस रहने को दिल चाहता है इनमें ......
जानते है हम की इन गहराईयो में जाकर बस दर्द से मुलाकात होगी.....
समेट लूं तुझे अपनी बाहों में इस कदर की किसी अस्क को गुजरने के लिए राहें ना मिले .....
तेरी आंखें जवाब में मेरे हर सवाल का
तेरी आंखो से मेरी आखों तक हजारों सपने बुने है ......
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