Innocent love

Thursday, January 7, 2021

सुन ना यार

सर्दी की धूप सी चुलबुली है तू 
गर्मी की छाव सी राहत है तू 
यारी है तेरी किसी स्क्रिप्ट सी
जितना तूझे पडना चाहे उतना ही तेरा कायल हो जाते है.......
कभी जब उलझे हो जज्बातों में हम तो एक-दूसरे से लड़कर समझकर एक दूसरे को समझते है, समझाते है...... तेरा जैसा यार नहीं कहीं, ना तेरी जैसी यारी है...
सुन ना ये अब तो पार्टी दे दे अब उसी की बारी है......happy birthday my best frends

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