गर्मी की छाव सी राहत है तू
यारी है तेरी किसी स्क्रिप्ट सी
जितना तूझे पडना चाहे उतना ही तेरा कायल हो जाते है.......
कभी जब उलझे हो जज्बातों में हम तो एक-दूसरे से लड़कर समझकर एक दूसरे को समझते है, समझाते है...... तेरा जैसा यार नहीं कहीं, ना तेरी जैसी यारी है...
सुन ना ये अब तो पार्टी दे दे अब उसी की बारी है......happy birthday my best frends
No comments:
Post a Comment