Innocent love

Saturday, August 14, 2021

आजादी

आजाद हु मै अगर रात होने का कोई डर ना हो 
आजाद हु मै अगर मनचाहे लिबाज में बाहर जाऊ
आजाद हु मै अगर मेरे अपने फैसले पर कोई टोके ना
आजाद हु मै अगर बिना घबराए बेझिझक बोल पाऊं
आजाद हु मै अगर किसी के पीछे भी साथ चल पाऊं
आजाद हु मै अगर चार लोगो में बोलने की इजाजत हो
आजाद हु मै अगर कोई मेरे विचारो पर सवाल ना उठाए
मै कितनी आजाद हु ये मै नहीं जानती 
आजादी के साल बहुत बीत गए मगर मन की आजादी अभी भी बंदिसो में बंधी है
कुछ हमने खुद को आजाद किया और कुछ  आजादी के दीवानों ने
 अपनी आजादी आज मनायेगे तो कल सुंदर बनेगा और अगर आज हम बस नाम की आजादी पर बोलेंगे तो कल बंध जायेगा           happy independence Day 

No comments:

Post a Comment

Search This Blog

ढूंढू कहां

ढूंढू कहा खुद को खुद में ही बेचैन हूं ना आज का पता न कल का बस ख्वाइशों का शोर हैं खुद को पाने की चाह में बेबस भटकती दर बदर फिर रही हूं  सच ...