हमराही जब हो जाए रास्तों के फासले तो ये दिल क्या करे
तुझे दिखने से पहले आंखे बंद हो जाए तो ये दिल क्या कर
तुम्हारे बिन जब ये दिन रात अधूरे से हो जाए तो ये दिल क्या करे
क्या करे ये दिल जब तुम बिन कही दिल लगे ना...........
आखों का काजल बह जाए याद में तेरी तो ये दिल क्या करे
नम आंखों में तेरी तस्वीर उतर जाए तो ये दिल क्या करे
साहिल पर चलते चलते रुक जाए कदम तो ये दिल क्या करे
क्या करे ये दिल जब तुम बिन कही दिल लगे ना...........
मेंहदी में तेरा नाम रह रह के नजर आए तो ये दिल क्या करे
मुस्कुराहट आए जाए लाबो पर नाम की तेरे तो ये दिल क्या करे
उड़ती जाए जब जुल्फे तो तेरी उंगलियों की याद में ये दिल क्या करे
क्या करे ये दिल जब तुम बिन कही दिल लगे ना..........
तेरी गलियों से गुजरते हुए तेरा अहसास हो जाए तो ये दिल क्या करे.....
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