Innocent love

Friday, April 23, 2021

कशमकश

कशमकश में है आम जनता घर में रहे या चुनावी रैलियों में जाए 
सोचने की बात है घर में भी कोरोना का खतरा बड़ा है..... मगर चुनावी रैलियों से अभी कोरोना दूर खड़ा है........
एक तरफ बार बार अपील हाथ धोने की......
ओर दूसरी तरफ नेताओ को चाहिए कुर्सी सोने की.......
एक तरफ कोरोनो भगाओ अभियान है .......
दूसरी तरफ लगा दाव और पार्टियों का सम्मान है.......
बात बहुत अजीब है ऑक्सीजन कम है अस्पतालों में.....बेहोश बैठे नेता महलों में........
एक तरफ नारों का जयघोष है... दूसरी तरफ चीख़ों का शोर है....
कुछ लड़ रहे जंग इस महामारी से......
कुछ लड़ रहे जंग अपने किस्से कहानी से.....
अब बस जीत का बिगुल बाकी है...... तू देख जमाना भी देखेगा जीत किसके हिस्से आती है...

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