Innocent love

Monday, April 5, 2021

वीर सपूत

हो गए विलीन वो अपनी मां के आंचल में फिर...
चले गए फिर हंसते हंसते फिर अपनी ही दुनिया में
रोती रह गई वो मां जिसकी आंख का तारा था .......
राह तकती रही वो दिलरुबा जिसकी मेंहदी में उसका नाम छुपा था........
 बेबस है वो सारे अपने  हसीं ठिठोली जिनके साथ वो किया करता था.....
मासूम-सा वो चेहरा जो देखता रहता था बार बार दरवाजे को आज वो भी कुछ सहमा-सा था....
इतने भी क्यों प्यारे है तुझे भारत मां तेरे वीर जो इतना जल्दी बुला लेती है
थोड़ी तो रुक जाती कुछ खुशियां ओर उसके हिस्से में आ जाती.....
वो भी तो तेरी हर धड़कन का हिसाब था,वो भी तेरी हर हसीं का गवाह था, वो भी तेरी खेत की हरियाली में लहराता था,.......😭 वो भी तो तेरा ही एक हिस्सा था, या तू उसमे बसा उसकी जिंदगी का पूरा किस्सा था......
चले गए वो वीर सभी बस बाते रह गई है कुछ कागज के टुकड़े क्या करेंगे दर्द कम उनके जाने का ....
भारत मां के वीर सपूतों के लिए आंख में आंसू कम पड़ जाते है  

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