आए राहत ऐसी कुछ बाते हमसे किया करो......
जब हो मन में डर का कोई साया हमारे पास तुम रहा करो.......
लगता है तुम्हारे दूर जाने का डर कभी कभी प्यार भी जताया करो........
हो कोई शिकायत हमसे या कोई खामी मुझमें नजर आए हमे बताया करो............
ढूंढू कहा खुद को खुद में ही बेचैन हूं ना आज का पता न कल का बस ख्वाइशों का शोर हैं खुद को पाने की चाह में बेबस भटकती दर बदर फिर रही हूं सच ...
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